खान-पान संबंधी विकार सिर्फ खाने की आदतों से जुड़ी समस्या नहीं हैं, बल्कि ये गंभीर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य स्थितियां हैं। इन्हें समय पर पहचानना और इलाज कराना बहुत जरूरी है।
यहाँ तीन मुख्य प्रकार के खान-पान संबंधी विकार और उनके लक्षण दिए गए हैं:
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एनोरेक्सिया नर्वोसा (Anorexia Nervosa):
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लक्षण:
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वजन बढ़ने का अत्यधिक डर, भले ही व्यक्ति का वजन पहले से ही कम हो।
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वास्तविक शारीरिक बनावट को लेकर विकृत सोच (खुद को मोटा समझना)।
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खाने की मात्रा को बहुत ज्यादा कम करना या भूखा रहना।
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अत्यधिक व्यायाम करना।
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खाने से बचने के लिए बहाने बनाना।
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मासिक धर्म का रुक जाना (महिलाओं में)।
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लगातार ठंड महसूस होना और अत्यधिक थकान।
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बुलिमिया नर्वोसा (Bulimia Nervosa):
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लक्षण:
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अचानक और बार-बार बड़ी मात्रा में भोजन करना (binge eating)।
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फिर वजन बढ़ने के डर से खाए गए भोजन को शरीर से बाहर निकालने की कोशिश करना (purging)।
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यह अक्सर उल्टी करके, laxatives का उपयोग करके, या अत्यधिक व्यायाम करके किया जाता है।
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खाने पर नियंत्रण न होने की भावना।
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वजन को लेकर बहुत ज्यादा चिंता करना।
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दांतों के इनेमल को नुकसान और गले में खराश।
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बिंग-ईटिंग डिसऑर्डर (Binge-Eating Disorder):
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लक्षण:
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थोड़े समय में बहुत अधिक मात्रा में भोजन करना, अक्सर अकेले या गुप्त रूप से।
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खाना खाते समय नियंत्रण खो देना।
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खाने के बाद अपराधबोध, शर्म या निराशा महसूस करना।
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आमतौर पर purge नहीं करना (जैसा कि बुलिमिया में होता है)।
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इस व्यवहार के कारण अक्सर अधिक वजन या मोटापा हो जाता है।
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