खान-पान संबंधी विकार सिर्फ खाने की आदतों से जुड़ी समस्या नहीं हैं, बल्कि ये गंभीर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य स्थितियां हैं। इन्हें …
Psychiatric Doctor in Ranchi: Dr. Keshav Jee – Best Psychiatrist in Ranchiउदासी एक सामान्य मानवीय भावना है, जो किसी नुकसान या निराशा के …
Add Your Heading Text Here Psychiatrist in Ranchi: Dr. Keshav Jee – Best Psychiatrist in Ranchiऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) के लक्षणों को …
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☀️ एक बेहतर दिन की शुरुआत: मानसिक स्वास्थ्य के लिए सुबह की 5 आदतें 🧠 कंटेंट: आपका सुबह का पहला घंटा तय करता है कि आपका पूरा दिन कैसा बीतेगा। अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए इन 5 सरल आदतों को अपनाएं: नो फोन चैलेंज (Digital Detox): जागने के कम से कम 30 मिनट बाद तक फोन न छुएं। 📵 धूप और ताजी हवा: 5-10 मिनट बाहर बिताएं; यह आपके 'खुशी के हार्मोन' को सक्रिय करता है। ☀️ गहरी सांसें (Mindfulness): केवल 5 मिनट का ध्यान आपके नर्वस सिस्टम को शांत करता है। 🧘♂️ हाइड्रेशन: चाय/कॉफी से पहले पानी पिएं, यह दिमाग को सतर्क रखता है। 💧 कृतज्ञता (Gratitude): आज की 3 ऐसी बातें सोचें जिनके लिए आप आभारी हैं। ✨ निष्कर्ष: छोटे बदलाव, बड़े परिणाम लाते हैं। आज से ही किसी एक आदत को चुनें! #MentalHealth #MorningRoutine #SelfCare #HealthyMind #DrKeshavJee #RanchiMentalHealth #Mindfulness #ranchimindandbrainclinic
Best psychiatrist in ranchi Dr. Keshav Jee - Best Psychiatrist in Ranchi #व्यायाम हमारे #मूड और #मानसिकस्वास्थ्य को कई रासायनिक और शारीरिक तरीकों से बेहतर बनाता है: #एंडोर्फिन का स्राव: व्यायाम से एंडोर्फिन (प्राकृतिक दर्द निवारक) रिलीज़ होते हैं, जो #खुशी (euphoria) की भावना पैदा करते हैं और दर्द कम करते हैं ("रनर हाई")। न्यूरोट्रांसमीटर का संतुलन: यह #सेरोटोनिन (मूड और खुशी), #नॉरपेनेफ्रिन (तनाव नियंत्रण), और #डोपामाइन (प्रेरणा) जैसे महत्वपूर्ण रसायनों के स्तर को बढ़ाता और संतुलित करता है, जिससे #डिप्रेशन और चिंता कम होती है। तनाव हार्मोन में कमी: यह तनाव #हार्मोन, जैसे #कोर्टिसोल के स्तर को कम करता है, जिससे दीर्घकालिक #तनाव और #चिंता से राहत मिलती है। मस्तिष्क विकास को बढ़ावा: #व्यायाम BDNF (ब्रेन-डेराइव्ड न्यूरोट्रॉफ़िक फैक्टर) प्रोटीन को बढ़ाता है, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं के विकास और कार्यप्रणाली में सुधार करता है। बेहतर नींद: नियमित गतिविधि शरीर की आंतरिक घड़ी (सर्कैडियन लय) को स्थिर करती है, जिससे नींद की गुणवत्ता सुधरती है और मूड अच्छा रहता है। #drkeshavjee #ranchimindandbrainclinic #bestpsychiatrist #exercise #yoga #mindfulness
Best psychiatrist in Ranchi अल्ज़ाइमर और डिमेंशिया के शुरुआती लक्षण: डिमेंशिया (और इसका सबसे आम कारण अल्ज़ाइमर) मस्तिष्क की कार्यक्षमता में महत्वपूर्ण गिरावट है। शुरुआती पहचान के लिए इन लक्षणों पर ध्यान दें: 1. याददाश्त में बदलाव (Memory Loss): नई सीखी गई जानकारी को बार-बार भूल जाना (सबसे पहला संकेत)। एक ही सवाल बार-बार पूछना। 2. योजना बनाने में कठिनाई (Planning/Problems): परिचित कार्यों (जैसे बिल भरना या खाना बनाना) में मुश्किल आना। कोई भी काम शुरू करने में पहल की कमी। 3. समय और स्थान को लेकर भ्रम (Time/Place Confusion): दिन, मौसम या तारीखों का ध्यान न रख पाना। परिचित जगहों पर भी खो जाना। 4. दृश्य और स्थानिक संबंध में समस्या (Visual/Spatial): दूरी का अंदाजा लगाने या रंगों/कंट्रास्ट को समझने में परेशानी। 5. बात करने में कठिनाई (Word Problems): बातचीत के दौरान सही शब्द खोजने में संघर्ष करना। परिचित वस्तुओं का नाम भूल जाना। 6. चीज़ों को गलत जगह रखना (Misplacing Items): असामान्य जगहों पर सामान रखना (जैसे चाबियाँ फ्रिज में)। याद न आने पर दूसरों पर चोरी का आरोप लगाना। 7. खराब निर्णय लेना (Poor Judgment): पैसे या निजी स्वच्छता के मामलों में अनुचित निर्णय लेना। 8. सामाजिक अलगाव (Social Withdrawal): शौक, काम या सामाजिक गतिविधियों से दूर रहना। 9. मूड और व्यक्तित्व में बदलाव (Mood/Personality Changes): आसानी से भ्रमित, चिड़चिड़ा, या आशंकित हो जाना। यदि ये लक्षण लगातार बने रहें और दैनिक जीवन को प्रभावित करें, तो विशेषज्ञ (न्यूरो-साइकियाट्रिस्ट) से परामर्श लेना आवश्यक है। #ranchimindandbrainclinic #AlzheimersAwareness #AlzheimersDisease #dementia #dementiaawareness #drkeshavjee #bestpsychiatrist #memoryloss
मानसिक स्वास्थ्य में हार्मोन की भूमिका: (थायराइड और एस्ट्रोजन)हार्मोन शरीर के "रासायनिक संदेशवाहक" (chemical messengers) होते हैं जो रक्तप्रवाह के माध्यम से यात्रा करते हैं और शरीर के लगभग हर कार्य को नियंत्रित करते हैं, जिसमें हमारी भावनाएँ और मूड भी शामिल हैं। थायराइड और एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन सीधे मस्तिष्क के कार्यों और न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे सेरोटोनिन) के स्तर को प्रभावित करके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालते हैं। 1. थायराइड हार्मोन की भूमिका (Thyroid Hormones - T3 और T4)थायराइड हार्मोन शारीरिक चयापचय (metabolism) और मस्तिष्क के उचित विकास और कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक हैं। थायराइड A) हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism) - थायराइड का कम होना स्थिति- धीमापन और अवसाद: थायराइड हार्मोन की कमी से चयापचय धीमा हो जाता है, जिससे ऊर्जा कम हो जाती है। इसके मुख्य लक्षण हैं: गंभीर अवसाद (Depression), थकान, सुस्ती, एकाग्रता की कमी, याददाश्त की समस्याएँ, और चिड़चिड़ापन। B) हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism) - थायराइड का ज़्यादा होनाउत्तेजना और चिंता: हार्मोन की अधिकता शरीर की प्रक्रियाओं को तेज़ कर देती है। इसके मुख्य लक्षण हैं: गंभीर चिंता (Anxiety), घबराहट (Nervousness), पैनिक अटैक (Panic Attacks), बेचैनी, अत्यधिक मूड स्विंग्स, नींद की समस्याएँ और चिड़चिड़ापन। निष्कर्ष: थायराइड के स्तर में असंतुलन अक्सर मूड डिसऑर्डर (Mood Disorders) जैसे अवसाद और चिंता को जन्म देता है, इसलिए मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के निदान में डॉक्टर अक्सर थायराइड टेस्ट ज़रूर करवाते हैं। 2. एस्ट्रोजन हार्मोन की भूमिका (Estrogen Hormones)एस्ट्रोजन मुख्य रूप से महिलाओं में पाया जाने वाला हार्मोन है, जो मूड, नींद और संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली (cognitive function) को नियंत्रित करने वाले न्यूरोट्रांसमीटर को प्रभावित करता है। यह सेरोटोनिन (खुशी का हार्मोन) के स्तर को बढ़ाने और उसे बनाए रखने में मदद करता है। एस्ट्रोजन मासिक धर्म चक्र में उतार-चढ़ाव (PMS/PMDD)चक्र के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के स्तर में गिरावट से कई महिलाओं में प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) या अधिक गंभीर प्रीमेंस्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसऑर्डर (PMDD) होता है। इसके लक्षणों में गंभीर मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन, उदासी और चिंता शामिल हैं। प्रसवोत्तर काल (Postpartum Period) बच्चे के जन्म के बाद एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के स्तर में अचानक भारी गिरावट आती है। यह हार्मोनल बदलाव अक्सर प्रसवोत्तर अवसाद (Postpartum Depression) या "बेबी ब्लूज़" का कारण बनता है। रजोनिवृत्ति/मेनोपॉज (Menopause)मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर धीरे-धीरे कम हो जाता है। इस अवधि में महिलाओं में अवसाद, चिंता, चिड़चिड़ापन, नींद की समस्याएँ (हॉट फ्लैशेस के कारण भी) और मूड में अस्थिरता आम हो जाती है। उपचार में महत्व मनोचिकित्सक (Psychiatrist) किसी भी मानसिक स्वास्थ्य समस्या का निदान करते समय हमेशा हार्मोनल असंतुलन, विशेष रूप से थायराइड की जाँच क्यों करते हैं, इसका मुख्य कारण यही है। यदि हार्मोनल समस्या है, तो हार्मोन का उपचार (Endocrine treatment) मानसिक स्वास्थ्य उपचार का एक आवश्यक हिस्सा बन जाता है। #ranchimindandbrainclinic #drkeshavjee #bestpsychiatrist #thyroidhealth #thyroid #thyroidproblems #estrogensupport #estrogen #estrogenbalance #hormonebalance #mentalhealthawareness #mentalhealth
यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण और संवेदनशील सवाल है। सिज़ोफ्रेनिया (Schizophrenia) से ग्रस्त व्यक्ति से बातचीत करते समय, सहानुभूति (empathy), सम्मान और गैर-आलोचनात्मक लहजा बनाए रखना बहुत ज़रूरी है।यहाँ कुछ ऐसी बातें दी गई हैं जो आपको सिज़ोफ्रेनिया से ग्रस्त व्यक्ति को नहीं बोलनी चाहिए और क्यों: ❌ 1. उनकी भावनाओं या अनुभवों को खारिज करना क्या न बोलें क्यों नहीं बोलें "तुम्हें ये सब सिर्फ़ वहम हो रहा है।"यह उनके मतिभ्रम (Hallucinations) और भ्रम (Delusions) को सीधे खारिज करता है। उनके लिए उनकी वास्तविकता बहुत सच्ची होती है। यह उन्हें असुरक्षित महसूस कराएगा और वे आप पर भरोसा करना बंद कर देंगे।"बस सकारात्मक सोचो, सब ठीक हो जाएगा। "सिज़ोफ्रेनिया इच्छाशक्ति की कमी या सकारात्मकता की कमी के कारण नहीं होता। यह एक जटिल मस्तिष्क विकार है। यह बात उन्हें अपनी स्थिति के लिए दोषी महसूस कराती है। "तुम पागल हो गए हो।"यह एक अपमानजनक और कलंक लगाने वाला शब्द है। यह उनकी बीमारी को कमज़ोरी के रूप में दर्शाता है और उन्हें गहरा ठेस पहुंचाता है। ❌ 2. इलाज को लेकर दबाव या लापरवाही दिखाना क्या न बोलें क्यों नहीं बोलें "दवा क्यों नहीं लेते? यह सब तुम्हारी गलती है।"दवाएँ अक्सर अप्रिय दुष्प्रभाव (side effects) डालती हैं। यह बात उन्हें दोषी ठहराती है और उपचार प्रक्रिया का विरोध करने के लिए प्रेरित कर सकती है।"तुम्हें तो अब ठीक हो जाना चाहिए था। "सिज़ोफ्रेनिया एक दीर्घकालिक स्थिति है। रिकवरी एक धीमी प्रक्रिया है। यह उम्मीदें उन पर अनावश्यक दबाव डालती हैं।"अगर तुम कोशिश करते, तो बेहतर हो सकते थे।"यह उन्हें प्रेरित करने के बजाय, यह बताता है कि वे पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहे हैं, जबकि वे अपनी सर्वोत्तम क्षमता से संघर्ष कर रहे होते हैं। ❌ 3. उनकी क्षमता पर सवाल उठाना क्या न बोलें क्यों नहीं बोलें "तुम यह काम नहीं कर पाओगे।"नकारात्मक भावनाएँ उनकी पहले से ही कम आत्म-सम्मान को और कम करती हैं। उन्हें प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है, न कि हतोत्साहित करने की। "तुम्हें पता है कि तुम एक बोझ हो।"यह भयानक बात है। सिज़ोफ्रेनिया के मरीजों में पहले से ही अपराधबोध और आत्म-मूल्य की कमी होती है। इस तरह की बात उनके मानसिक स्वास्थ्य और जीवन पर खतरा पैदा कर सकती है। ✅ इसके बजाय क्या बोलें (सकारात्मक तरीके): "मैं जानता हूँ कि तुम अभी मुश्किल दौर से गुज़र रहे हो, और मैं तुम्हारे साथ हूँ।" (सहानुभूति दिखाना) "मैं तुम्हारी आवाज़ें नहीं सुन सकता/सकती, लेकिन मैं देख सकता हूँ कि यह तुम्हें परेशान कर रहा है। क्या मैं तुम्हारी मदद के लिए कुछ कर सकता/सकती हूँ?" (उनकी भावनाओं को मान्य करना, भ्रम को नहीं) "हम साथ मिलकर काम करेंगे। यह एक बार में एक दिन की बात है।" (समर्थन और आशा देना) "चलो, आज थोड़ी देर टहल कर आते हैं।" (उन्हें दैनिक गतिविधि में शामिल करने के लिए धीरे से प्रोत्साहित करना) #Schizophrenia #MentalHealthStigma #EndTheStigma #MentalHealthAwareness #CompassionMatters #SupportMentalHealth #SchizophreniaSupport #MentalIllness #बातकरें #सहानुभूति #bestpsychiatrist #ranchimindandbrainclinic #drkeshavjee #PsychiatricCare
आप सभी झारखंड वासियों को झारखंड स्थापना दिवस रजत जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाइयां 🙏 आप अपने प्रयासों से झारखंड को अपने महत्वपूर्ण योगदान के माध्यम से समृद्धि और विकास की यात्रा में सहयोग करते रहे यही कामना करते हैं। #ranchimindandbrainclinic #drkeshavjee #bestpsychiatrist #JharkhandFoundationDay #jharkhandasthapnadiwas #15November
Best psychiatrist in ranchi Dr. Keshav Jee - Best Psychiatrist in Ranchi Seasonal Affective Disorder (SAD) और जलवायु के बीच संबंध: सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर (SAD), जिसे अक्सर "सर्दियों का अवसाद" कहा जाता है, एक प्रकार का आवर्ती अवसाद है जो सीधे तौर पर जलवायु से प्रभावित होता है। इसका मुख्य संबंध प्राप्त होने वाले सूर्य के प्रकाश की मात्रा से है। मुख्य जुड़ाव बिंदु: कम धूप मुख्य कारण: SAD का सबसे मजबूत संबंध सर्दियों में प्राकृतिक धूप की कमी से है। भौगोलिक अक्षांश (Latitude): SAD भूमध्य रेखा से दूर (उच्च अक्षांशों) वाले क्षेत्रों में अधिक आम है, जहाँ सर्दियों में दिन बहुत छोटे होते हैं और धूप कम मिलती है। भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में यह दुर्लभ है, जहाँ दिन की रोशनी पूरे साल लगभग समान रहती है। जैविक प्रभाव (Biological Impact): मेलाटोनिन: कम रोशनी के कारण नींद का हार्मोन मेलाटोनिन दिन के दौरान अधिक बनता है, जिससे अत्यधिक नींद और उदासी महसूस होती है। सेरोटोनिन: धूप की कमी से सेरोटोनिन (मूड से जुड़ा न्यूरोट्रांसमीटर) का स्तर गिर जाता है। सर्कैडियन लय: कम रोशनी से शरीर की आंतरिक घड़ी (circadian rhythm) बाधित होती है, जिससे नींद और ऊर्जा स्तर प्रभावित होते हैं। ग्रीष्मकालीन SAD: कुछ लोगों को गर्मी में भी SAD होता है, जो अत्यधिक गर्मी, नमी, और इसके कारण होने वाले सामाजिक अलगाव या कमज़ोर नींद से जुड़ा होता है। संक्षेप में, SAD और जलवायु के बीच का संबंध मुख्य रूप से रोशनी की कमी का है, जो मस्तिष्क रसायन विज्ञान और आंतरिक जैविक घड़ी को बाधित करता है। #drkeshavjee #ranchimindandbrainclinic #PsychiatricCare #bestpsychiatrist #SAD #Winterdepression #seasonalaffectivedisorder
आप सभी को गुरु नानक जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई🙏 #ranchimindandbrainclinic #drkeshavjee #gurunanakdevji #GuruNanakJayanti
Top psychiatrist in Ranchi Dr. Keshav Jee - Best Psychiatrist in Ranchi मनोविकृति (Psychosis) एक ऐसी मानसिक अवस्था है जिसमें व्यक्ति वास्तविकता से संपर्क खो देता है। यह अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि लक्षणों का एक समूह (Syndrome) है जो गंभीर मानसिक बीमारियों, जैसे सिज़ोफ्रेनिया या बाइपोलर डिसऑर्डर के दौरान दिखाई देता है। मनोविकृति के मुख्य लक्षण दो श्रेणियों में बंटे हैं: 1. सकारात्मक लक्षण (Positive Symptoms): ये ऐसे अनुभव हैं जो सामान्य वास्तविकता में शामिल हो जाते हैं (जो वहाँ नहीं हैं, फिर भी महसूस होते हैं): मतिभ्रम (Hallucinations): ऐसी चीज़ों को महसूस करना जो वास्तव में नहीं हैं। श्रवण मतिभ्रम (Auditory): आवाज़ें या शोर सुनना (सबसे आम)। दृश्य/अन्य: ऐसी चीज़ें देखना, छूना या सूंघना जो वास्तविक नहीं हैं। भ्रम (Delusions): अटल, झूठी धारणाएँ जो स्पष्ट सबूत के बावजूद दृढ़ता से मानी जाती हैं (जैसे: उत्पीड़न का भ्रम - "कोई मेरे खिलाफ साजिश कर रहा है")। असंगठित सोच (Disorganized Thinking): विचारों को तार्किक रूप से व्यवस्थित करने में कठिनाई, जिसके कारण भाषण (बातचीत) अव्यवस्थित हो जाता है। 2. नकारात्मक लक्षण (Negative Symptoms): ये सामान्य कार्यप्रणाली के ऐसे पहलू हैं जो कम हो जाते हैं या लुप्त हो जाते हैं: वाक् दरिद्रता (Alogia): बोलने की मात्रा और धाराप्रवाहता में कमी। प्रेरणा की कमी (Avolition): लक्ष्य-निर्देशित गतिविधियों को शुरू करने और जारी रखने की क्षमता में कमी। आनंद का अभाव (Anhedonia): पहले आनंद देने वाली चीज़ों में रुचि और खुशी महसूस न कर पाना। भावों की कमी (Affective Flattening): चेहरे के हाव-भाव और भावनात्मक अभिव्यक्ति में कमी। मनोविकृति एक चिकित्सा आपातकाल (Medical Emergency) है। यदि कोई व्यक्ति अचानक वास्तविकता से संपर्क खोने के संकेत दिखाता है, तो तुरंत किसी मनोचिकित्सक से मूल्यांकन कराना और उपचार शुरू करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए अवश्य आप डॉक्टर केशव जी से मिल सकते हैं। #ranchimindandbrainclinic #drkeshavjee #bestpsychiatrist #psychosis #psychosisawareness #PsychiatricCare
आप सभी को "पावन लोक पर्व छठ" की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ 🙏 #chatthicelebration #chatthpuja #drkeshavjee #ranchimindandbrainclinic
आप सभी लोगों को दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें..... #शुभदिपावली #HappyDiwali #Deepawali2025 #ranchimindandbrainclinic #drkeshavjee
आप सभी को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई 🙏 #ShubhDhanteras #शुभdhanteras #शुभदिपावली #ranchimindandbrainclinic #drkeshavjee #bestpsychiatrist
A personality disorder (PD) is a type of #mentaldisorder characterized by an enduring, pervasive, and inflexible pattern of inner experience and behavior that deviates significantly from the expectations of the individual's culture. This pattern is maladaptive, begins in adolescence or early adulthood, and leads to significant #distress or #impairment in various areas of life, including relationships, work, and social functioning. Individuals in this cluster often have problems with impulse control, emotional regulation, and exhibit dramatic, overly emotional, or unpredictable behavior. #Antisocial PD (ASPD) : A pervasive pattern of disregard for and violation of the rights of others, often involving deceit, impulsivity, and lack of remorse. #Borderline PD (BPD) : Instability in interpersonal relationships, self-image, and emotions, as well as marked impulsivity (often includes self-harm or suicidal behavior). #Histrionic PD (HPD) : Excessive emotionality and attention-seeking behavior. #Narcissistic PD (NPD): Grandiosity, a need for admiration, and a lack of empathy. #ranchimindandbrainclinic #drkeshavjee #mentalhealth #personalitydisorders
💚 World Mental Health Day: It's Time to Talk. Your mind matters. Taking care of your mental health is just as important as taking care of your physical health. You don't have to struggle in silence. This World Mental Health Day, make a pledge: Check in on a loved one. Seek help if you need it. End the stigma. #WorldMentalHealthDay #WMHD2025 #MentalHealthMatters #ItIsOkayToNotBeOkay #ranchimindandbrainclinic #drkeshavjee #mentalhealth
आप सभी लोगों को "रावण पर श्रीराम के विजय दिवस शुभ दशहरा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 🙏 #Navratri2025 #dussehraspecial #Dussehra2025 #drkeshavjee #ranchimindandbrainclinic #psychiatrist